Thursday, 17 January 2019 09:13

हिंदू नेताओं के कत्ल के लिए आतंकियों को फंडिंग करने के आरोपी जग्गी जौहल को जमानत Featured

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हिंदू नेताओं के कत्ल के लिए आतंकियों को फंडिंग करने के आरोपी जग्गी जौहल को जमानत

 

हिंदू नेताओं के कत्ल मामले में गिरफ्तार जग्गी जौहल और उसके साथी तलजीत सिंह को फरीदकोट अदालत ने जमानत दे दी है। इन दोनों को थाना बाजाखाना में आंतकवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग करने के आरोप में मामला दर्ज किए जाने के बाद नवंबर 2017 में गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त पंजाब पुलिस द्वारा हिंदू नेताओं की हत्या के आरोप में गिरफ्तार भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जग्गी जौहल की गिरफ्तारी के बाद राजनीति गरमा गई थी। अब स्टेट स्पेशल सेल द्वारा 90 दिन में जांच मुक्कमल न करने के बाद अदालत की तरफ से जमानत दी गई है। हालांकि जग्गी जौहल अभी भी जेल से बाहर नहीं आ सकता, क्योंकि उसके खिलाफ लुधियाना और मोगा में भी कई मामले दर्ज हैं

 

 

21 नवंबर 2017 को पंजाब पुलिस ने हिंदू नेताओं या टारगेट किलिंग मामले में कार्रवाई करते हुए जगतार सिंह जग्गी जौहल को उस समय गिरफ्तार कर लिया था, जब वह विदेश से पंजाब आ रहा था। पुलिस का दावा था कि जग्गी जौहल की इन घटनाओं में सीधी संलिप्तता है और वह पंजाब में वारदात को अंजाम देने के बाद अक्सर विदेश भाग जाता था।

 

ऐसे गरमाई थी राजनीति: इस मामले को लेकर नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जगमीत सिंह ने पंजाब पुलिस पर जग्गी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। कनाडा के मंत्री अमरजीत सिंह सोही और हरजीत सिंह सज्जन भी जौहल के समर्थन में आ गए और पंजाब पुलिस पर थर्ड डिग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि पंजाब सरकार नागरिकता अधिकारों का हनन कर रही है। इस दौरान कनाडा में कई सिख सांसदों ने भारतीय उच्चायुक्त को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। एक ट्वीट के जरिये तत्कालीन ब्रिटिश सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने खुलासा किया था कि इस मामले में चुप्पी साधने पर उन्हें ऑनलाइन धमकियां दी जा रही हैं। इसी बीच आम आदमी पारी के सांसद भगवंत मान ने जौहल का समर्थन करते हुए पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। पंजाबी फिल्म अभिनेता एवं गायक दलजीत दोसांझा ने भी भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक जग्गी जौहल की गिरपतारी का विरोध करते हुए कहा था कि सभी को निष्पक्ष ट्रायल का अधिकार मिलना चाहिए।

 

ये थे पुलिस के दावे: जगतार सिंह उर्फ जग्गी जौहल की गिरफ्तारी के बाद चौतरफा घिरी पंजाब पुलिस ने कहा था कि कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की जा रही है और आरोपी को पारिवारिक सदस्यों और यूके हाई कमीशन को मिलने की इजाजत भी दी गई है। पुलिस प्रवक्ता के दावे के मुताबिक पुलिस के पास पुख्ता सबूत थे और किसी भी चरण पर पुलिस द्वारा उसके साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया। गिरफ्तारी के संबंध में ब्रिटिश हाई कमीशन को भी दी सूचित किया गया। चंडीगढ़ स्थित ब्रिटिश हाई कमिश्नर इस मामलो में लगातार डीजीपी पंजाब के संपर्क में थे और इस कट्टर खालिस्तानी समर्थक जग्गी को गिरफ्तार करने संबंधी ब्रिटिश दूत ने कोई आपत्ति नहीं जताई।

21 नवंबर 2017 को पंजाब पुलिस ने हिंदू नेताओं या टारगेट किलिंग मामले में कार्रवाई करते हुए जगतार सिंह जग्गी जौहल को उस समय गिरफ्तार कर लिया था, जब वह विदेश से पंजाब आ रहा था। पुलिस का दावा था कि जग्गी जौहल की इन घटनाओं में सीधी संलिप्तता है और वह पंजाब में वारदात को अंजाम देने के बाद अक्सर विदेश भाग जाता था।

 

 

 

ऐसे गरमाई थी राजनीति: इस मामले को लेकर नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जगमीत सिंह ने पंजाब पुलिस पर जग्गी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। कनाडा के मंत्री अमरजीत सिंह सोही और हरजीत सिंह सज्जन भी जौहल के समर्थन में आ गए और पंजाब पुलिस पर थर्ड डिग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि पंजाब सरकार नागरिकता अधिकारों का हनन कर रही है। इस दौरान कनाडा में कई सिख सांसदों ने भारतीय उच्चायुक्त को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। एक ट्वीट के जरिये तत्कालीन ब्रिटिश सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने खुलासा किया था कि इस मामले में चुप्पी साधने पर उन्हें ऑनलाइन धमकियां दी जा रही हैं। इसी बीच आम आदमी पारी के सांसद भगवंत मान ने जौहल का समर्थन करते हुए पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। पंजाबी फिल्म अभिनेता एवं गायक दलजीत दोसांझा ने भी भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक जग्गी जौहल की गिरपतारी का विरोध करते हुए कहा था कि सभी को निष्पक्ष ट्रायल का अधिकार मिलना चाहिए।

 

 

 

ये थे पुलिस के दावे: जगतार सिंह उर्फ जग्गी जौहल की गिरफ्तारी के बाद चौतरफा घिरी पंजाब पुलिस ने कहा था कि कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की जा रही है और आरोपी को पारिवारिक सदस्यों और यूके हाई कमीशन को मिलने की इजाजत भी दी गई है। पुलिस प्रवक्ता के दावे के मुताबिक पुलिस के पास पुख्ता सबूत थे और किसी भी चरण पर पुलिस द्वारा उसके साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया। गिरफ्तारी के संबंध में ब्रिटिश हाई कमीशन को भी दी सूचित किया गया। चंडीगढ़ स्थित ब्रिटिश हाई कमिश्नर इस मामलो में लगातार डीजीपी पंजाब के संपर्क में थे और इस कट्टर खालिस्तानी समर्थक जग्गी को गिरफ्तार करने संबंधी ब्रिटिश दूत ने कोई आपत्ति नहीं जताई।

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