हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश (1)

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने का चलन बढ़ता जा रहा है। बीते 12 साल के दौरान प्राइवेट स्कूलों में दाखिले दोगुने से ज्यादा हो गए। साल 2006 में प्राइवेट स्कूलों में दाखिले 19 फीसदी थे, जो 2018 तक बढ़कर 40.7 फीसदी हो गए।

प्राइवेट स्कूलों की भारी-भरकम फीस होने के बावजूद अभिभावक सरकारी स्कूलों में बच्चों को नहीं पढ़ाना चाहते। एनुअल स्टेटस आफ एजूकेशन रिपोर्ट (असर) 2018 में यह खुलासा हुआ है। प्रदेश के 12 जिलों के 358 गांवों में हुए सर्वे के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।

 सभी जिलों में डाइट के प्रशिक्षुओं ने सर्वे किया है। प्राइवेट स्कूलों में दाखिले बढ़ने का सबसे बड़ा कारण इंग्लिश मीडियम बताया जा रहा है। बच्चों को अंग्रेजी भाषा सिखाने के लिए अभिभावक सरकारी स्कूलों में नियुक्त उच्च शिक्षा प्राप्त शिक्षकों की जगह निजी स्कूलों के शिक्षकों पर भरोसा जता रहे हैं।

 

असर 2018 के अनुसार हिमाचल में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों की स्कूलों में नामांकन दर 99.6 फीसदी है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों की आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले दस फीसदी विद्यार्थी दूसरी कक्षा का पाठ नहीं पढ़ पाते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक कक्षा तीसरी के 47.8 फीसदी बच्चे ही दूसरी के स्तर के पाठ को पढ़ पाए। पांचवीं के 76.9 फीसदी बच्चे दूसरी कक्षा के स्तर का पाठ पढ़ पाए। सर्वे के तहत प्रदेश के 293 सरकारी स्कूलों का अवलोकन किया गया।

3 से 16 साल के 9811 बच्चों से बात की गई। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के लिए राहत की बात है कि पांचवीं कक्षा में दूसरी क्लास के स्तर का पाठ पढ़ने की दक्षता में इस साल हिमाचल सभी राज्यों में अव्वल रहा है

 

तीसरी कक्षा के 50 फीसदी बच्चे घटाव के सवाल हल कर पाए हैं। साल 2016 में 57.4 फीसदी बच्चे पास हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार कक्षा पांचवीं के 56.8 फीसदी बच्चे साधारण भाग का सवाल कर पाए, जबकि आठवीं के 61 फीसदी बच्चे भाग के सवाल हल कर पाए। कक्षा पांचवीं के बच्चे भाग का सवाल करने में अन्य राज्यों के बच्चों से अग्रणी रहे हैं।

प्रदेश के 94.5 फीसदी स्कूलों में पेयजल व्यवस्था सही
प्रदेश के 94.5 फीसदी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है। 99.7 फीसदी स्कूलों में शौचालय की सुविधा है, लेकिन उनमें से 5.5 फीसदी शौचालय उपयोग की स्थिति में नहीं हैं। करीब 97 फीसदी स्कूलों में पुस्तकालयों की व्यवस्था है, लेकिन 24.3 फीसदी स्कूलों में ही बच्चे इनका इस्तेमाल करते हैं

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