देश

देश (52)

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के चार जवान नक्सलियों के साथ मुठभेड़ केरते हुए शहीद हो गए तथा दो अन्य जवान घायल हो गए।

राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को यहां भाषा को बताया कि जिले के परतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत महला गांव के करीब नक्सलियों और सुरक्षा बल के बीच मुठभेड़ में बीएसएफ की 114वीं बटालियन के चार जवान शहीद हो गए तथा दो अन्य जवान घायल हो गए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महला स्थित बीएसएफ के शिविर से सुरक्षा बल का दल गश्त पर निकला था। इस दल में जिला बल के जवान भी थे। जवान जब कुछ दूरी पर थे तभी नक्सलियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की।

उन्होंने बताया कि कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। इस घटना में चार जवान शहीद हो गए तथा दो अन्य जवान घायल हो गए। 

अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों और शवों को बाहर निकाल लिया गया है। क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है। राज्य की नक्सल प्रभावित कांकेर लोकसभा सीट के लिए इस महीने की 18 तारीख को मतदान होगा।

 

भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यूनियन भूमि अधिग्रहण, पुनर्स्थापना एवं पुनर्वास में पारदर्शिता अधिनियम- 2013 को अध्यादेश जारी करके कमजोर करनेवाले किसान विरोधी नरेन्द्र मोदी के विजय रथ को रोकने का संकल्प लिया है।

यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता भूपेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यूनियन इस लोकसभा चुनाव में यूपीए के उम्मीदवार को समर्थन करेगी। जहाँ यूपीए के उम्मीदवार कमजोर होंगे वहाँ एनडीए के मुकाबले में खड़े मजबूत उम्मीदवार को समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि 2014 में जो वादा एनडीए ने किया था, 5 वर्ष बीत जाने पर साफ हो गया कि मोदी सरकार ने किसी वायदे को पूरा नहीं किया है। इसके विपरीत मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में किसानों को लाभ देने के मामले में सुनवाई के वक्त शपथ पत्र देकर कहा कि डेढ़ गुणा लाभ देना संभव नहीं है। साथ ही उचित मुआवजे का अधिकार, पुनर्स्थापना एवं पुनर्वास में पारदर्शिता अधिनियम- 2013 को 3 बार अध्यादेश जारी करके कमजोर करने का प्रयास किया ताकि किसानों का जमीन छीनकर चहेती कंपनियों को दे सकें।

श्री रावत ने कहा कि संभावित हार से विचलित होकर मोदी सरकार किसान सम्मान निधि प्रति परिवार को भिखारी की तरह 17 रुपया प्रति दिन देकर चुनाव जीतना चाहती है, जिसे यूनियन पूरा नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि 20 फिसदी गरीबों को 6 हजार रुपया मासिक देने का वादा कर काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और आखिरी पायदान पर बैठे व्यक्ति को न्याय देने के महात्मा गाँधी के सिद्धान्त को अमली जामा पहनाया है।

उन्होंने कहा कि इससे छोटी जाति के करोड़ों लोगों को तो लाभ होगा ही साथ ही खेतिहर मजदूर जो पलायन के लिए मजबूर हैं, भी लाभान्वित होंगे। इसलिए यूनियन 5 वर्षों के अपने शासन में फेल हो चुके मोदी सरकार के विरोध में मोदी सरकार को हराने के लिए यूपीए गठबंधन को समर्थन करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममत बनर्जी पर पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कई जवाबी हमले किए। उन्होंने ममता बनर्जी की बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक पर सबूत मांगने पर कहा कि, जब बालाकोट में बदला लेकर हमारे जवान वापस आए तो रोना किसी को था और रो कोई और रहा था। दर्द इस्लामाबाद और रावलपिंडी में होना चाहिए था। लेकिन दर्द यहां कोलकाता में बैठी दीदी को हो रहा था। इन्होंने कहा कि मोदी ने ये क्यों किया? मोदी सबूत दे...

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि, जो लोग TMC के पेरोल (payroll) पर यहां गुंडागर्दी कर रहे हैं, उन्हें मैं चेतावनी देना चाहता हूं कि वो ये सब छोड़ दें, वरना भाजपा की सरकार आते ही उन्हें ठीक कर दिया जाएगा। इसके बाद मोदी बोले कि, काफी अड़चनों के बाद भी आपका ये चौकीदार पश्चिम बंगाल के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है। आपका ये चायवाला, यहां के चाय बागानों में काम करने वालों के लिए भी पूरी तरह समर्पित है। पीएम मोदी ने किसान सम्मान योजना की बात करते हुए कहा कि, दीदी तो दीदी हैं, उन्होंने पीएम किसान सम्मान योजना पर भी पश्चिम बंगाल में ब्रेक लगा दिया है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी पं बंगाल में लोकसभा के प्रचार अभियान की शुरुआत कर रहे हैं, जिसके तहत वे आज दो रैलियों को संबोधित करेंगे। बता दें कि बंगाल में 42 संसदीय क्षेत्र हैं। प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में इन सीटों पर लोकसभा के सभी सात चरणों में मतदान होना है। इस बीच टीएमसी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 500 से अधिक कार्यकतार्ओं ने मंगलवार को भाजपा का दामन थामा।

बीजेपी पर पिछले लोकसभा चुनाव में लोगों से झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए काॉग्रेश अध्यक्ष राहुल गान्धी ने कहा कि पार्टी के घोषणा पत्र में एक भी झूठा वादा नहीं किया गया है और यह पूरी तरह सच्चाई तथा लोगों की आकांक्षाओं पर आधारित है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम और पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी की मौजूदगी में लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी का घोषणा पत्र 'जन आवाज' जारी करते हुए राहुल ने कहा कि यह दस्तावेज बंद कमरे में बैठकर नहीं बल्कि देश के कोने-कोने में बैठे लाखों लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र समिति से साफ-साफ कह दिया गया था कि पार्टी ऐसा कोई वादा नहीं करेगी जिसे पूरा करना संभव नहीं है। इसीलिए केवल ऐसे वादे किये गये हैं जो वास्तविक रूप से पूरे किये जा सकें।

1- रोज़गार
जहां एक तरफ बेरोजगारी देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ रोजगार सृजन अर्थव्यवस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले 5 वर्षो में बेरोजगारी दर में बेतहाशा वृद्धि हुई है, सरकार के खुद के आंकड़ों के अनुसार यह 45 साल के उच्चतम स्तर 6.1 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जबकि सेन्टर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार बेरोजगारी की दर 7.2 प्रतिशत है। फरवरी के अन्त तक, लगभग 3.1 करोड़ लोग नौकरी की तलाश में थे, आकं डे बता रहें कि कुल रोजगार में कमी आई है, श्रम भागीदारी दर में कमी आई है और बड़े पैमाने पर वर्तमान नौकरियां खत्म हो रही हैं। बढ़ती बेरोजगारी और मौजूदा नौकरियों के खत्म होने से, सभी वर्ग महिला, युवा, छोटेव्यापारी, व्यवसायी, किसान, दिहाड़ी मजदूर और खेतिहर मजदूर बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।

2-उद्योग
कांग्रेस ने 1991 में नयी औद्योगिक नीति के साथ उदारीकरण की शुरुआत की थी। आज वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, कांग्रेस एक दूरदर्शी प्रगतिशील औद्योगिक नीति बनायेगी। भाजपा सरकार ने सिर्फ खोखले नारेलगाये हैं, औद्योगिक क्षेत्र में सकल पूंजी निर्माण दर या उद्योग क्षेत्र के विकास के आंकडे़ निराशाजनक सच्चाई को बयान कर रह हैं। कांग्रेस उद्योग जगत के इन निराशाजनक आंकड़ों को बदलने का वायदा करती है।

कांग्रेस ने मेनिफेस्टो में पार्टी को दोबारा चुनने की यह बताई वजह  

3- आधारभूत ढ़ांचा
भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या कमजोर बुनियादी ढ़ांचा है। दोषपूर्णडिजाइन, ठीक से न बनाया, अपर्याप्त क्षमता तथा बुनियादी ढांचे के रखरखाव का निम्नतर स्तर ने, भारत की विकासदर को कम कर दिया है। कांग्रेस उचित नियोजन, प्रोद्योगिकी, गुणवत्ता के साथ-साथ जवाबदेही तय करते हुए, इन कमियों को दूर करगी। बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करने के लिए सभी उपलब्ध मॉडल - सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संयुक्त भागीदारी का इस्तेमाल किया जायेगा। सड़क, रेलवे मार्ग और विद्युत अति आवश्यक बुनियादी सुविधा क्षेत्र होने के साथ-साथ आम जनता के हित के लिए आवश्यक है।

4- शहर-शहरीकरण और शहर नीति
भारत का तेजी से शहरीकरण हो रहा है, देश की कुल आबादी का 34 प्रतिशत कस्बों और शहरो में निवास करता है और यह संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। पूरी दुनिया की तरह भारत के शहर भी विकास के केन्द्र बन सकते हैं। जे.एन.एन.यू.आर.एम. के स्थान पर भाजपा सरकार द्वारा लाये गये, स्मार्ट सिटी अभियान पूरी तरह से असफल रहा है,जिसमें बेवजह पैसे की बर्बादी के अलावा कोई लाभ नहीं हुआ है।

5- ग्रामीण विकास
कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क पुल, जल आपूर्ति, स्वच्छता, बिजली और स्कूल सहित सभी प्रकार के बुनियादी ढांचे का विस्तार एवं गुणवत्ता में सुधार का वायदा करती है।

6- अनौपचारिक और असंगठित क्षेत्र
कांग्रेस असंगठित और अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत करोड़ों श्रमिकों और स्वरोजगार करने वाले उद्यमियों के जीवन को सुलभ बनाने के लिए विशेष प्रयोजन करगी। 

7- कृषि, किसान और कृषि श्रमिक
प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि “सब कुछ इन्तजार कर सकता है पर कृषि नहीं”। लेकिन, पिछले पांच वर्षों के भाजपा राज में कृषि क्षेत्र गहर संकट में चला गया है। पिछले चार साल में उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं दिया गया, फसल खरीद केन्द्र या तो थे ही नहीं या वहाँ पर पूरी तरह से खरीद हुई ही नहीं है, किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता चला गया, कृषि लागत लगातार बढ़ती गई, कृषि ऋण सुविधा अनुपलब्ध थी या अपर्याप्त थी, नोटबन्दी ने नकद आधारित कृषि व्यवस्था को झकझोर दिया है, सहकारी ऋण समितियों तथा सहकारी बैंकों ने किसानों की जमापूंजी को सहकारी ऋण में परिवर्तित करने के अधिकार से किसानों को वंचित कर दिया, ज्यादातर व्यापार की शर्तें कृषि क्षेत्र के खिलाफ थी, फसल बीमा योजना ने किसानों को लूटकर बीमा कं पनियों की जेब भरी, किसानों और खेतिहर मजदूरों को सरकार की तरफ से कोई सहायता नहीं मिली। 

8- आर्थिक नीति
भारत एक विकासशील देश है जो 2030 तक मध्यम आय वाला देश बनने का इच्छुक है। संपदा सृजन और जन कल्याण हमारे दो प्रमुख लक्ष्य हैं। कांग्रेस का आर्थिक दर्शन एक खुली और उदार अर्थव्यवस्था, धन का सृजन, सतत् विकास, असमानताओं में कमी तथा सभी लोगों के कल्याण पर आधारित है। इस तरह की वृद्धि निजी क्षेत्र कार्य कुशल सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा सामाजिक सुरक्षा की प्रणाली को रखांकेति करके ही आयेगी। हमारी अर्थव्यवस्था अभी भी अत्यधिक नियमों में जकड़ी हुई है, संरचनात्मक समस्यायें बरकरार हैं। सरकारी नियंत्रण और नौकरशाही का हस्तक्षेप बहुत अधिक है। नियमों नेनियंत्रक का रूप ले रखा है। आर्थिक नीतियों में न्यायालयों का हस्तक्षेप बढ़ रहा है। भाजपा सरकार ने सुधारों के पहिए को उल्टी दिशा में मोड़ दिया है। कांग्रेस इन विकृतियों में सुधार करने, उन्हें पूर्ववत करने और एक खुली और उदार बाजार अर्थव्यवस्था बहाल करने का वादा करती है।

9- न्यूनतम आय योजना (NYAY)
गरीबी उन्मूलन कांग्रेस का सबसे महत्वपूर्णलक्ष्य है, हम गर्व के साथ याद दिलाना चाहते हैं कि 2004-2014 के बीच यूपीए सरकार ने, 14 करोड़ लोगों को गरीबी से उभारा था। यह सच है कि तीव्र और व्यापक आधार वाला विकास, गरीबी को कम करेगा, और मध्यम या दी दीर्घावधि में गरीबी को खत्म कर देगा। दूसरी तरफ निर्णायक और लक्ष्य केन्द्रित हस्तक्षेप, एक दशक के भीतर गरीबी को पूरी तरह समाप्त कर सकता है, इसलिए कांग्रेस 2030 तक गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित कर रही है।

10- कर निर्धारण और कर प्रणाली सुधार
आयकर और माल एवं सेवा कर अर्थव्यवस्था की रीढ़ होंगे, कांग्रेस मानती है और उसे पुनः दोहराती है कि कर सरल, पारदर्शी और प्रगतिशील होने चाहिए, इसके अलावा कर प्रशासन विश्वसनीय होना चाहिए, जिस पर करदाताओं को भी विश्वास हो, कांग्रेस उन सभी करों को समाप्त कर देगी जिन्होंने आम आदमी के साथ-साथ व्यवसायियों के मन में डर भरकर एक टैक्स-आतंक और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

11- बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र
कांग्रेस प्रतिस्पर्धी बैंकिग क्षेत्र में अपने विश्वास की पुष्टि करती है। भाजपा सरकार नेपिछले 5 वर्ष में बैंकिग क्षेत्र को काफी कमजोर किया है, गैर निष्पपादित सम्पत्ति (Non Performing Assets) में काफी तेजी से वृद्धि हुई है। क्रोनी कैपिटलिज्म पनप रहा है तथा योग्य व्यक्तियों को ऋण से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस बैंकिग और वित्तीय क्षेत्रों में पनपी इन कुरीतियों को तुरन्त समाप्त करगी।

12- विज्ञान, प्रोद्योगिकी और नवाचार
विज्ञान, प्रोद्योगिकी और नवाचार में किया गया निवेश, देश के भविष्य के लिए निवेश होता है। वैज्ञानिक चेतना और खोजी प्रकृति भारत की प्रगति के लिए आवश्यक है।

13-मत्स्य पालन उद्योग और मछुआरे
140 लाख से अधिक भारतीय प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका के लिए मत्स्य उद्योग पर निर्भर है। कांग्रेस मत्स्य उद्योग को तेजी से विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है ।

14- राष्ट्रीय सुरक्षा
राष्ट्रीय सुरक्षा एक मजबूत रक्षा नीति, एक गंभीर विदेश नीति और परिपक्व नेतृत्व पर निर्भर रहती है। राष्ट्रीय सुरक्षा खुद की पीठ थपथपाने और अतिशयोक्तिपूर्ण दावे करने से नहीं आती है।

15- राष्ट्रीय सुरक्षा
राष्ट्रीय सुरक्षा एक मजबूत रक्षा नीति, एक गंभीर विदेश नीति और परिपक्व नेतृत्व पर निर्भर रहती है। राष्ट्रीय सुरक्षा खुद की पीठ थपथपाने और अतिशयोक्तिपूर्ण दावे करने से नहीं आती है। आंतरिक सुरक्षा कांग्रेस वायदा करती है कि वह सुरक्षा स्थिति पर सर्तक नजर रखेगी और भारत के हर नागरिक और आगंतुक को सुरक्षा की भावना प्रदान करने तथा कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए, हर संभव प्रयास और उपाय करगी।

16 विदेश नीति
भारत की विदेश नीति स्वतंत्रता संग्राम से प्रभावित है। जो हमार दूरदर्शी नेताओं के सामूहिक ज्ञान और दूरदर्शी दृष्टिकोण से विकसित हुई है। दुर्भाग्य से भाजपा शासन के दौरान एक व्यक्ति की सनक और व्यक्तिगत इच्छा के कारण उलट-पलट हो गई है। हमार राष्ट्रीय हित के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हम देश के लिए इस प्रकार की हानिकारक नीतियों और घटनाओं को बदलकर नये सिर से विदेश नीति विशेषज्ञों पर विश्वास दोहरायेंगे।

17- सीमा सुरक्षा
भारत की सीमाएं सुरक्षित होनी चाहिए, सुरक्षित सीमाएं भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करती है। कांग्रेस विभिन्न प्रकार के उपाय करके सीमा सुरक्षा को बढ़ाने का वायदा करती है।

18- भूतपूर्व सैनिक
यूपीए सरकारों के तहत कांग्रेस ने एक रैंक एक पेंशन के सिद्धान्त को स्वीकार किया और वर्ष 2006, वर्ष 2010 और वर्ष 2013 में तीन महत्वपूर्ण कदम उठाए। फरवरी, 2014 में यूपीए सरकार ने सभी रैंकों के पेंशनधारियों के बीच के अन्तर को खत्म करने का फैसला किया। पूर्व सैनिकों का मानना है कि भाजपा सरकार ने उनकी मांग के हिसाब से एक रैंक एक पेंशन को लागू नहीं किया, कांग्रेस एक रैंक एक पेंशन में लागू विसंगतियों को दूर करने का हर संभव प्रयास करने का वायदा करती है।ट

19 केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल
केन्द्रीय सशस्त्र सुरक्षा बल हमारी सीमाओं की रक्षा की पहली पंक्ति है। देश में कानून और व्यवस्था टूटने के दौरान भी वे सबसे पहली पंसद होते है। हजारों जवानों ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। कांग्रेस केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने और जवानों के कल्याण कार्यक्रम में सुधार का वायदा करती है।

20- कला-संस्कृति और साहित्य
कला-संस्कृति और विरासत लोगों को पहचान दिलाती है। भारत जैसा बहु-सांस्कृतिक देश, जिसके पास गर्व करने लायक कला-संस्कृति-साहित्य और बृहद विरासत है, जिसे संरक्षित और सुरक्षित किये जाने की जरूरत है।

21 - पर्यटन
अनुमान है कि वर्ष 2018 में भारत में लगभग 1 करोड़ पर्यटक आये, दुसर देशों की तुलना में यह संख्या काफी निराशाजनक है, कांग्रेस पर्यटकों की संख्या में 20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक उपाय करगी। पर्यटन अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है। लेकिन सबसे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि ये विभिन्न स्तर की शिक्षा वाले लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध करवा सकता है।

22- अप्रवासी भारतीय
कांग्रेस का विश्वास है कि भारतीय चाह के किसी भी देश में रहते हो या कार्य करते हो लेकिन भारत का अभिन्न अंग है।

23- नागरिकों एवं नागरिक संगठनों के साथ जुड़ाव

कांग्रेस अपने उस विश्वास को दोहराती है कि नागरिक समूह और संगठन, संसदीय लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। यूपीए सरकारों के समय नागरिक समूह और संगठनों ने हमार एजेंडा को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, हम नागरिक/सामाजिक संगठनों के साथ जुड़ने की प्रक्रिया को जारी रखने तथा उनके अनुभव और ज्ञान सेलाभान्वित होते रहेंगे।

24- संस्थान
लोकतंत्र की रक्षा और उसे मजबूत करने वाले संस्थानों को इससे पहले कभी इतना कमजोर और कलंकित नहीं किया गया है, जितना की पिछले 5 वर्षो में हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक, केन्द्रीय सतर्कता आयोग, भारतीय निर्वाचन आयोग, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, केन्द्रीय सूचना आयोग, राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जैसी अनेक संस्थाओं की स्वतंत्रता और स्वायत्तता को छीन कर इन्हें पंगु बना हे दिया गया है।

25- भ्रष्टाचार विरोधी

1- कांग्रेस बिना भेदभाव के भ्रष्टाचार विरोधी कानून को लागू करगी।

2- राफेल सहित पिछले पांच साल में भाजपा सरकार द्वारा किये गये
सौदों की जांच की जायेगी।

3-कांग्रेस उन कारकों और परिस्थितियों की भी जांच करगी, जिसके तहत पिछले पांच वर्ष में अनेक भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को देश छोड़ने की इजाजत दी गई है, उन्हें वापस हें लाकर कानून के तहत कारवाई की जायेगी।

26- सरकार, पारदर्शिता और जवाबदेही

1 शासन को पारदर्शी, परिणामोन्मुखी और जवाबदेह बनाने की प्रक्रिया में कांग्रेस प्रत्येक वर्ष अपने घोषणापत्र में किये वायदों पर जनता के सामने वक्तव्य देगी।

2 हम वायदा करते हैं कि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में कार्यक्रमों/नीतियों का सामाजिक ऑडिट किया जायेगा तथा प्रत्येक साल के अन्त में “क्या किया है और क्या छू ट गया है” के बार में एक रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा जायेगा।

3 कांग्रेस सूचना का अधिकार कानून का उसके 14 वर्ष के कामकाज के आधार पर मूल्याकं न करगी। इस बीच इस कानून को कमजोर करने वाले प्रावधानों को हटाकर कानून को मजबूत करने वाले प्रावधानों को जोड़ा जायेगा, जिससे कि यह कानून और भी अधिक प्रभावी हो सके। कांग्रेस समाज के विभिन्न वर्गों से आए हुए लोगों को सूचना आयुक्त नियुक्त करने का वायदा करती है।

4 हम सभी सरकारी, अर्धसरकारी एजेसियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और अन्य सार्वजनिक उद्यमों में विविधता का आंकलन कर, उसे सुनिश्चित करने के लिए विविधता सूचकांक (diversity index)की शुरूआत करेंगे।

5 कांग्रेस आम जनता को आवास, छात्रावास, होटल, क्लब जैसे साधन और सेवाएं देने में होने वाले जाति-धर्म, भाषा, क्षेत्र और लिंग के भेद को समाप्त करने के लिए, एक भेदभाव विरोधी कानून बनाने का वायदा करती है।

6 शिकायतों को अनिवार्य रूप से तथा समयबद्ध तरीके सेनिवारण करने के लिए कांग्रेस शिकायत निवारण विधेयक-2011 को पेश करगी और पारित करायेगी।

7 व्हिसल ब्लोअर्सप्रोटेक्शन कानून-2016 के तहत सभी नियम और अधिनियमों को बनाया जायेगा, कांग्रेस यह सुनिश्चित करगी कि यह कानून कहीं से भी कमजोर न पड़े।

28  स्थानीय स्वषासन

कांग्रेस 73वें और 74वें संविधान संशोधन की जननी है। हमार देश में जहाँ कि ज्यादातर जनसंख्या महानगरों की परिधि से बाहर रहती है, पंचायतीराज स्वशासन का मौलिक आधार है।

01. कांग्रेस स्थानीय पंचायतों और नगर पालिकाओं की अवधारणा को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने का वादा करती है।

02. कांग्रेस राज्य सरकारों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करगी कि जी.एस.टी. का कु छ हिस्सा स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगरपालिकाओं) को आंबटित किया जाए।

03. कांग्रेस गांवों और पंचायतों से संबंधित मामलों में ग्राम सभाओं की भूमिका और अधिकार बढ़ाने का वायदा करती है। कांग्रेस वर्ष में कम से कम दो बार ग्राम सभाओं की बैठक करने को अनिवार्य करगी। 
04. कांग्रेस यह सुनिश्चित करने का वायदा करती है कि ग्राम सभा के अधिकारों से संबंधित निम्नलिखित अधिनियमो को अक्षरशः पालन किया जाये।
i. पंचायत अधिनियम, 1996 (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार)
ii. वन अधिकार अधिनियम, 2006
iii. भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013

29 - न्यायपालिका

01. संविधान की व्याख्या करने तथा राष्ट्रीय तथा कानूनी महत्व के अन्य मामलों की सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को संवैधानिक न्यायालय बनाने के लिए संविधान में संशोधन किया जायेगा।

02. उच्च न्यायालयों और आदेशों की अपील सुनने के लिए, 6 अलगअलग स्थानों मे उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के बीच, कोर्ट ऑफ अपील की स्थापना करने के लिए संविधान में संशोधन किया जायेगा। कोर्ट ऑफ अपील में 3 न्यायाधीशों की अने बेंच अपील का निपटारा किया करेंगी।

03. हम महिलाओं, एस.सी.-एस.टी., ओ.बी.सी., अल्पसंख्यकां तथा समाज के अन्य वर्गां जिनका न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व कम है, के प्रतिनिधित्व को सभी स्तरों में बढ़ाने का वायदा करते हैं। 

04. हम न्यायपालिका के लिए आवश्यक बुनियादी ढ़ांचा प्रदान करने के लिए प्रतिवर्ष पर्याप्त धन आंवटित करेंगे।

05. कांग्रेस उच्च न्यायालयों और उच्चतम् न्यायलयों के न्यायाधीशों की सेवानिवृति आयु को 65 वर्ष करने का वादा करती है। विभिन्न आयोगों ओर न्यायाधिकरणों में न्यायिक सदस्यों की सेवानिवृति की आयु भी 65 वर्ष ही होगी। इससे जहाँ एक तरफ न्यायाधीशों को सेवानिवृति के पश्चात काम करने से रोका जायेगा, वहीं दूसरी तरफ
योग्य व्यक्तियों को न्यायाधीश न्यायिक सदस्य के रूप में सेवा करने का और अधिक अवसर मिलेगा।

06. कांग्रेस न्यायपालिका के सहयोग से न्यायाधीशों के प्रशासन में सुधार तथा रोस्टर प्रबंधन के लिए तकनीक के साथ-साथ पेशेवरों की नियुक्ति करगी। 

07. हम मुकदमों पर नजर रखने और मामलों की सुनवाई तथा निर्णयों में तेजी लाने के लिए न्यायपालिका के हर स्तर पर तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करेंगे।

08. विद्वानों, ईमानदार एवं स्वतंत्र न्यायधीश न्यायपालिका की आत्मा हैं, कांग्रेस राष्ट्रीय न्यायायिक आयोग (एन.जे.सी.) को स्थापित करने का वायदा करती है। एन.जे.सी. में न्यायधीश, न्यायविद्ध और सांसद सदस्य के तौर पर होगे तथा इनकी सदस्यता के लिए एक पूर्णकालिक सचिवालय होगा। राष्ट्रीय न्यायायिक आयोग का कार्य
उच्च और उच्चतम न्यायालयों में न्यायाधीशों नियुक्ति करना है। सभी उम्मीवारों के नाम तथा चयन की प्रक्रिया तथा चयन के कारण को सार्वजनिक पटल पर रखा जायेगा ताकि चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरकरार रह। इस व्यवस्था के बनने के दो महीने पश्चात उच्च एवं उच्चतम् न्यायलयों से रिक्त पद भरने के प्रयास किये
जायेंगे।

09. कांग्रेस कानून बनाकर एक स्वतंत्र न्यायिक शिकायत आयोग की स्थापना करेगी जो यायाधीशों के खिलाफ कदाचार की शिकायते देकर उपयुक्त कार्यवाही के लिए संसद को परामर्श देंगे।

30 - कानून नियम और विनियमो की पुनःपरख

नागरिक स्वतंत्रता हमारेलोकतांत्रिक गणंराज्य की प्रमुख पहचान है। कानूनों का उद्देश्य स्वतंत्रता को मजबूती देना है, कानून सिर्फ और सिर्फ हमार संवैधानिक मुल्यों को दर्शाने के लिए होने चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि हम एक अति विधायी और अतिविनियमित देश बन गये है, कई कानूनों नियमों और अधिनियमों ने नागरिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित कर दिया है। नतीजतन नवाचार, जिसकी वजह से उद्यमशीलता में नये प्रयोगों औद्योगिकी के नये प्रयासों पर एक तरह के प्रतिबंध लग गये हैं, जिसका सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
कांग्रेस सभी नियमों, विनियमों और कानून की व्यापक समीक्षा करगी और 

i. आज के संदर्भों के हिसाब से पुराने और बेकार हो चुके कानूनों को खत्म करगी, जो बेवजह नागरिकों की स्वतंत्रता
पर अड़चन डालतें हैं।
ii. उन सभी साधनों और प्रक्रिया में संशोधन करके उन् संवैधा हें निक मुल्यों के अनुरूप बनायेंगे।
iii. नागरिकों द्वारा रोजमर्रा के जीवन में पालन किये जाने वालेनियमों, कानूनों और विनियमों की संख्या को कम करेगी। 

31- चुनाव सुधार
चुनाव में काले धन का उपयोग और मतदाताओं को प्रभावित करने के तरीकों को रोक पाने में चुनाव आयोग पूरी से अप्रभावी रहा है हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने की सबसे बड़ी चुनौती सेनिपटने के लिए कारगर उपाय करेंगे।

32 - पुलिस आधार

1. पुलिस, कानून और व्यवस्था राज्य के विषय हैं। प्रकाश सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित पुलिस सुधारों पर आम सहमति बनाने के लिए कांग्रेस राज्य सरकारों से परामर्श करगी। सर्वसम्मति के आधार पर कांग्रेस मॉडल पुलिस अधिनियम पारित करगी तथा राज्यों को राज्य विधान सभाओं से पारित करवा कर
अधिनियमित करने और अपनाने की सलाह देगी।

02. मॉडल पुलिस अधिनियम का उद्देश्य पुलिस बलों को आधुनिक प्रौद्योगिकी, सक्षम, नागरिक अनुकुल तथा मानवधिकारों और कानूनों के तहत संरक्षक के रूप मे तैयार करेंगे।

03. मॉडल पुलिस अधिनियम में निम्नलिखित प्रावधान किये जायेंगे -

i. राज्य पुलिस बल को एक स्वतंत्र पुलिस जवाबदेही आयोग के साथ-साथ राज्य विधानमंडल को वार्षिक रिपोर्ट देने के लिए उत्तरदायी बनाया जायेगा।
ii. पुलिस बल को विकेन्द्रीकृ त करना तथा पुलिस बल की निगरानी के लिए समुदाय को शामिल करना।
iii. राज्य पुलिस महानिदेशालय की सीधी देखरख में राज्य पुलिस बल के विशेष विंग द्वारा साम्प्रदायिक दंगा, लिंचिंग और सामूहिक बलात्कार मामलों की जांच करना।
04. कांग्रेस राज्य सरकारों के साथ मिलकर पुलिस बलों के आकार में वृद्धि करने का वायदा करती है। 18 महीने के अन्दर मौजूदा सभी रिक्तियां भरने तथा भविष्य में खाली होने वाले पदों को भरने के लिए एक वार्षिक भर्ती कार्यक्रम बनायेंगे।

05. हम राज्य सरकारो के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके पुलिस बल में राज्य की विविधता के अनुसार प्रतिनिधित्व हो। वंचित समूहों, महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व के लिए विशेष प्रयास किये जायेंगे।

06. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य पुलिस बल सीधी भर्ती तथा कांस्टेबल और अधिकारियों के पदोन्नति के दौरान महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के मापदण्ड का सम्मान कर।

33 - मीडिया और मीडिया की स्वतंत्रता
कांग्रेस का दृढ़ विश्वास है कि मीडिया को स्वतंत्र और स्वनियंत्रित होना चाहिए

34 संभावित परियोजना और नया योजना आयोग
भारत जैसे विशाल राष्ट्र में जहाँ विशिष्ट विषयों को संचालित करने वाले अनेक मंत्रालय एवं विभागों के साथ राज्य और केन्द्र सरकारों की संघीय प्रणाली हों, वहाँ आवश्यक हो जाता है कि एक विशेषज्ञ निकाय हो 
i. प्रतिस्पर्धी दावों का मूल्यांकन करे।
ii. केन्द्र व राज्य सरकारो के बीच और वित्त मंत्रालय व विभिन्न विभागो के बीच धन के आवंटन की मध्यस्थता करें।
iii. धन के उपयोग की निगरानी करें।
iv. व्यय ब्यौरा परिणामों के बीच के अंतर का आंकलन और मूल्यांकन करें।

35 महिला सशक्तीकरण और लिंगसंवेदीकरण
ऐतिहासिक रूप से महिला अधिकारों, समानता और सशक्तीकरण के संघर्ष में कांग्रेस पार्टी ने अग्रणी भूमिका निभाई है। भारत की एक मात्र महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गांधी कांग्रेस पार्टी की नेता थीं। हमने महिलाओं को सशक्त करने के लिए, अनेक कानून बनाये, हम लिंगसंवेदी शब्द को योजनाओं की मुख्य धारा में लेकर आये।

36 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग
भारत का संविधान अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों को रोजगार और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण प्रदान करता है। हमें अपने समाज के ऐतिहासिक रूप से वंचित वर्गों को, सामाजिक और आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने के लिये इससे भी अधिक करना चाहिए।

37 जम्मू-कश्मीर
26 अक्टूबर, 1947 को ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेसेशन’ (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किये जाने के बाद से कांग्रेस जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रमों की गवाह रही है। कांग्रेस इस बात को दोहराती है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। हम राज्य के अनुपम इतिहास और उन अद्वितीय परिस्थितियों का भी सम्मान करते हैं, जिनके तहत राज्य ने भारत में विलय को स्वीकार किया, जिसके वजह से भारत के संविधान में अनुच्छेद 370 को शामिल किया गया। इस संवैधानिक स्थिति को बदलने की न तो अनुमति दी जायेगी, न ही ऐसा कु छ भी प्रयास किया जायेगा।

38 पूर्वोत्तर राज्य
कांग्रेस इस बात को दोहराती है कि पूर्वोत्तर राज्य भारत का अनूठा और अमूल्य हिस्सा है, जो हमार दे ेश को समृद्ध संस्कृति, भाषाएं, परंपराएं, रीति-रिवाज और जैव-विविधता प्रदान करते हैं। हम पूर्वोत्तर राज्यों और यहां के लोगों के हितों की रक्षा और सुरक्षा के लिये तथा क्षेत्र के तेज आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिये पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

39 धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक
सच्चेलोकतंत्र की ताकत और जीवंतता अक्सर उसके अल्पसंख्यकों को मिलने वाले अधिकारों और संरक्षण में देखी जाती है। भाजपा राज में पिछले 5 वर्षों में अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के खिलाफ घृणा अपराधों और अत्याचारों में कई गुणा बढ़ोत्तरी हुई है। इस प्रकार के घृणित अपराध को अंजाम देने वाले अपराधी बेधड़क खुलेआम सड़कों पर घूम रह हैं।

40 विमुक्त जनजातियां और अर्धघुमंतू जनजातियां
विमुक्त और अर्ध-घुमंतू जनजातियों नेलंबे समय से भेदभाव और उपेक्षा का सामना किया है। कांग्रेस का मानना है कि यह केंरि और राज्य सरकारों का कर्तव्य है कि वे इन समूहों तक पहुँचें और इनके साथ होने वाले अन्याय को दूर करें।

41 वरिष्ठ नागरिक
कांग्रेस इस बात को स्वीकार करती है कि भारत की करीब 9 प्रतिशत जनसंख्या 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की है और यह अनुपात धीर-धीर बढेगा। कांग्रेस वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी मौजूदा नीतियों की समीक्षा करने और चिकित्सा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, प्रगति को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त बदलावों को करने का वादा करती है।

42 दिव्यांग जन
एक अनुमान के अनुसार, भारत में 4 करोड़ लोग दिव्यांग हैं। कांग्रेस दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों, सम्मान और स्वाभिमान कोबनाये रखने के लिए दृढ़ता के साथ संकल्पित है। 
हम दिव्यांगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने और अपने परिवार के कल्याण तथा देश के विकास में योगदान देने के लिये फायदेमंद एवं उचित अवसर प्रदान करने का वादा करते हैं।

43 एलजीबीटीक्यूआईए+ के अधिकार
कांग्रेस लोगों के बीच लैंगिक विविधता को स्वीकार करती है और विभिन्न लैंगिक पहचान वालेलोगों को बराबरी और कानूनों के समान संरक्षण का वादा करती है।

44- स्वास्थ्य देखभाल
शिक्षा की तरह ही स्वास्थ्य देखभाल भी जनहित से जुड़ा है। पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक—बच्चे, वयस्क और वरिष्ठ नागरिक का अधिकार है। स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना करें और राज्य सरकारों की साझा ज़िम्मेदारी है।

45 शिक्षा
शिक्षा योग्यता का निर्धारण करती है और इसे सभी बच्चों के लिए आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। कांग्रेस वादा करती है कि राज्य और केंरि सरकार सभी बच्चों को शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिये जिम्मेदार होंगी। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय जैसेज्यादातर सार्वजनिक संस्थान सार्वजनिक संसाधनों के माध्यम से वित्त पोषित होंगे। निजी शिक्षण संस्थान सार्वजनिक
शिक्षण संस्थानों के पूरक के तौर पर काम कर सकते हैं।

46 भोजन और पोषण सुरक्षा
यूपीए सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 का पारित होना एक क्रांतिकारी कदम था जिसने समृद्धि (हरित क्रांति) को कल्याण (भोजन का अधिकार) से जोड़ा।

47 बाल कल्याण
बच्चे देश के सबसे मूल्यवान मानव संसाधन हैं। कांग्रेस का मानना है कि यह सुनिश्चित करना केंरि और राज्य सरकारों का कर्त्तव्य है कि प्रत्येक बच्चे को बच्चों के सभी अधिकारों, विशेष रूप से पूर्णशिक्षा और पूर्ण स्वास्थ्य का आनंद हासिल हो।

48 जल प्रबंधन, स्वच्छता और साफ-सफाई
पानी और साफ-सफाई मिलना बुनियादी मानव अधिकार हैं। कांग्रेस प्रौद्योगिकी, वकालत, और कानून के माध्यम से पानी और स्वच्छता की चुनौतियों का समाधान करने का वादा करती है।

49 पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन
कांग्रेस जलवायु परिवर्तन के परिणामों को स्वीकार करने वाली (14 जून 1972 को स्टॉकहोम में श्रीमती इंदिरा गांधी) पहली भारतीय राजनीतिक पार्टी थी। यह एक कड़वा सच है कि भारत का पर्यावरण बुरी तरह सेबिगड़ चुका है। 2018 के वैश्विक पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक में भारत को 180 देशों में से 177वें स्थान पर रखा गया है। भाजपा सरकार ने इस गिरावट को रोकने के लिए पिछले 5 वर्षों में लगभग कु छ भी नहीं किया।

50 जलवायु लचीलापन और आपदा प्रबंधन
जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के दोहर खतरों से निपटेबिना गरीबी का खात्मा संभव नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन के कारण गरीबों को ही सबसेज्यादा परशानी झेलनी पड़ती है।

51 हर नागरिक का डिजिटल अधिकार
कांग्रेस अपने इस विश्वास को दोहराती है कि प्रत्येक भारतीय को डिजिटल अधिकारों का फायदा मिले और हर किसी की स्वतंत्र रूप सेडिजिटल दुनिया तक पहुंच हो।

52 खेल
कांग्रेस को दृढ़ विश्वास है कि भारत में एक महान खेल राष्ट्र की पूरी क्षमता है। हमारी खेल नीति का उद्देश्य अपने नागरिकों विशेषकर छात्रों और युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना होगा। खेल और स्वस्थ रहने की प्रवृत्ति/संस्कृति का सूत्रपात्र करने के साथ ही इन् आजीव हें िका के तौर पर अपनाने को भी प्रोत्साहित करेंगे।

 
  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें  पर ज्वाइन करें और  पर फॉलो करें
  • W

 

फेसबुक ने लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कांग्रेस पार्टी से जुड़े 687 पेजों और अकाउंट्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।  सोशल मीडिया कंपनी ने कहा कि 'अप्रमाणिक व्यवहार' के चलते देश की मुख्य विपक्षी पार्टी से जुड़े इन पेजों को हटाया गया है। फेसबुक ने साफ किया है कि इन पन्नों को उनमें प्रकाशित सामग्री की बजाय उनके बिहेवियर यानी अप्रमाणिक जानकारी के चलते हटाया गया है। भारत में 11 अप्रैल से 19 मई तक 7 चरणों में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। 23 मई को नतीजों का ऐलान होना है। 

संभवत: पहली बार किसी सोशल मीडिया वेबसाइट ने इस तरह का कदम उठाया है कि किसी बड़ी राजनीतिक पार्टी से जुड़े पन्नों को हटा दिया गया हो।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक फेसबुक ने कहा कि उसने अपनी तफ्तीश में पाया है कि लोगों ने फर्जी अकाउंट्स बनाए और अलग-अलग ग्रुप्स से जुड़कर कॉन्टेंट को फैलाया। लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने का काम किया। फेसबुक ने कहा कि इन फेक पन्नों में स्थानीय खबरों के अलावा राजनीतिक प्रतिद्वंदी, जैसे बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी, की आलोचना भी की जाती थी।

फेसबुक के सायबर सिक्योरिटी पॉलिसी के  नाथनेल ग्लेचियर ने कहा, 'लोगों ने अपनी पहचान को छिपाकर यह काम करने का प्रयास किया, लेकिन हमने अपनी जांच में पाया कि ऐसे पन्ने कांग्रेस की आईटी सेल के लोगों से जुड़े थे।' उन्होंने कहा कि इन अकाउंट्स को अप्रमाणिक व्यवहार के चलते हटाया जा रहा है।

दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी ने पोस्ट के दो सैंपल भी शेयर किए हैं जिनमें पीएम मोदी द्वारा उठाए गए कदमों की आलोचना की गई थी और कांग्रेस व राहुल गांधी को समर्थन देने के लिए कहा गया था।  

पाकिस्तानी सेना से जुड़े 103 पन्नों को भी हटाया 
फेसबुक ने यह भी कहा कि उसने पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (Inter-Service Public Relations) से जुड़े 103 पन्नों को भी हटाने का फैसला लिया है। इनका संचालन पाकिस्तान से ही होता था। इन गतिविधियों को संचालन करने वाले लोग मिलिट्री फैन पेज, कश्मीरी समुदाय पेजों का संचालन करने के लिए फर्चा अकाउंट्स बनाते थे।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के धामपुर नगीना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और सपा-गठबंधन पर जमकर निशाना साधा और केन्द्र और राज्य की बीजेपी सरकार की उपलब्धियां के बारे में लोगों को बताया। अमित शाह ने कहा कि सपा-बसपा वाले हमें गन्ना भुगतान पर सलाह दे रहे हैं, जिन्होंने 2011 से 2015 तक गन्ने का भुगतान नहीं किया था। योगी सरकार ने 2017 तक का 57 हजार करोड़ का भुगतान कर दिया है और इस साल का भी पूरा गन्ना का भुगतान चुनाव होने से पहले किसानों के खातों में पहुंच जायेगा। 

शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पूरी दुनिया में विश्व बंधुत्व का भाव बढ़ाने वाले हिन्दू समुदाय को आतंकवाद के साथ जोड़कर बदनाम करने का काम किया। हिन्दू कभी आतंकवादी हो सकता है क्या? शायद राहुल गांधी को नहीं पता कि हम तो चीटियों को भी आटा खिलने वाले लोग हैं, लोगों को कैसे मारेंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हिन्दू समुदाय पर आतंकवाद का टैग लगाया। लेकिन सत्य को आप छुपा नहीं सकते। सूर्य को कितने भी बादलों में छिपा दो लेकिन सत्य और सूर्य तेजस्वी होकर हमेशा चमकते हैं। आज इस जजमेंट ने साबित कर दिया हैं कि स्वामी असीमानंद और बाकी सभी लोग निर्दोष है। उस वक़्त के गृहमंत्री को स्वयं अमेरिकी राजदूत से बोले थे कि लश्कर-ए-तैयबा खतरा नहीं है बल्कि हिन्दू आतंकवाद खतरा है। हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को देश से मांफी मांगनी चाहिए। 

केरल की वायनाड लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ेंगें राहुल गांधी

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवाद को धर्म के साथ जोड़ने का पाप कांग्रेस ने किया। अपनी वोटबैंक की पॉलिटिक्स के लिए पूरी दुनिया में गौरवशाली हिन्दू समुदाय को बदनाम करने का पाप इन्होंने किया है। विपक्ष के लोग तुष्टिकरण कि राजनीति करने से बाज नहीं आते, अभी कुछ दिन पहले पंचकूला की एक कोर्ट 2007 में समझौता एक्सप्रेस में हुए ब्लास्ट पर फैसला दिया। उस समय की कांग्रेस सरकार ने कहा था कि समझौता एक्सप्रेस बलास्ट हिन्दू आतंकवाद का नमूना है। 

उन्होंने कहा कि नगीना वालों ने तो मोदी-मोदी के नारे लगाकर अपनी इच्छा बता दी कि मोदी जी ही देश के प्रधानमंत्री बनने चाहिए। लेकिन ये गठबंधन वाले किसे प्रधानमंत्री बनाएंगे? इनकी न कोई नीति हैं और न कोई रीति, ये तो केवल मोदी जी के डर से एक हुए हैं। आज मैं यहां जो माहौल देख रहा हूं। पूरे देश में इसी प्रकार का माहौल दिखाई दे रहा है। 

चुनाद आयोग के नए निर्देश के अनुसार मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार का शोर थमने (साइलेंस पीरियड) पर नेता प्रेस वार्ता और अखबार या टीवी को साक्षात्कार नहीं दे सकेंगे। इस संबंध में चुनाव आयोग ने शनिवार को सभी 41 राजनीतिक दलों को निर्देश जारी किए हैं। 

लोकसभा के लिए सात चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए 9 अप्रैल को चुनाव प्रचार थम जाएगा। लेकिन अन्य क्षेत्रों में जहां चुनाव अगले चरण में होने हैं वहां भी नेता ऐसे भाषण नहीं दे सकेंगे जिसमें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप *से पहले चरण वाली सीटों पर समर्थन मांगने का भाव आए। आयोग ने यह निर्देश सभी प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा निर्वाचन अधिकारियों को भेज दिया है। 

अक्षरश: लागू हो प्रावधान : आयोग ने सभी दलों से कहा है कि वे अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिदायत दें कि वे साइलेंस पीरियड का पूर्ण रूप से पालन करें। वे ऐसा कोई काम नहीं करें जो जनप्रतनिधि कानून की धारा 126 की भावना के खिलाफ हो। 

दो दिन शराब बंदी: प्रचार थमने पर ‘ड्राइ डे' घोषित कर दिया जाएगा जो मतदान के समाप्त होने तक जारी रहेगा। इस आदेश विशेष तरह के लिकर लाइसेंस वाले संस्थानों पर भी लागू होगा। 

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने देश के 25 करोड़ लोगों को साधने का मास्टर स्ट्रोक चला है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सत्ता में आने पर देश के 20 फीसदी गरीबों को हर साल 72 हजार रुपये सालाना देने के लिए 'न्यूनतम आय योजना' (NYAY) शुरू करने का वादा किया. कांग्रेस ने इस योजना का नाम 'न्याय' रखा है. अब देखना है कि राहुल गांधी के इस योजना के जरिए देश के लोगों का दिल जीत पाते हैं या नहीं.

कांग्रेस किसान के कर्जमाफी एलान के जरिए मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव जीतने में सफल रही थी. यही वजह है कि राहुल गांधी लोकसभा चुनाव 2019 को फतह करने के लिए 'NYAY' का ऐलान किया है.

नई दिल्ली। आतंकवाद का रास्ता छोड़कर सेना में शामिल होने वाले लांस नायक नजीर वानी को अशोक चक्र अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. ये पहला मौका है जब आतंक की नापाक राह से लौटे किसी जवान को देश के इतने बड़े सम्मान से नवाजने का निर्णय लिया गया है.

 

नजीर वानी ने 2004 में आत्मसमर्पण किया था. इसके कुछ वक्त बाद ही नजीर ने भारतीय सेना ज्वॉइन कर ली थी. कभी सेना के खिलाफ लड़ने वाले इस बहादुर जवान ने आतंकवादियों से लड़ते हुए नवंबर, 2018 में अपनी जान वतन के नाम कुर्बान कर दी थी.

 

दरअसल, पिछले साल नवंबर में शोपियां में कुछ आतंकियों के छुपे होने की खबर पर सुरक्षाबलों की टीम उन्हें मौत के घाट उतारने पहुंची थी. इस दौरान 6 आतंकवादियों ने एक घर में शरण ली थी, जिसे जवानों ने चारों तरफ से घेर लिया था. आतंकियों पर प्रहार करते हुए नजीर वानी ने एक दहशतगर्द को मार गिराया था. जबकि जवाबी फायरिंग में वह खुद भी घायल हो गए थे.

 

 

 

आतंकियों की गोली से जख्मी होने के बावजूद नजीर वानी ने उस घर में छुपे आतंकियों को भागने नहीं दिया. लांस नायक नजीर आतंकियों के भाग निकलने के रास्ते पर डटे रहे और उन्होंने एक और आतंकी को मौत के घाट उतार दिया. हालांकि, इस ऑपरेशन में दहशतगर्दों की गोलियां का निशाना बने नजीर वानी भी शहीद हो गए.

मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के कोयला खदान में फंसे 15 मजदूरों की तलाश के 34वें दिन पहली कामयाबी मिली है. रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन के दौरान नेवी को करीब 200 फीट की गहराई में एक मजदूर का शव मिला है. बाकी के मजदूरों को तलाशने रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन जारी है.बता दें कि  जिले के लमथारी में 370 फुट गहरी अवैध सान खदान में पास की नदी से पानी चले जाने के बाद से 13 दिसंबर से 15 खदान मजदूर फंसे हुए हैं. खदान में पास की लितेन नदी का पानी भरने से खदान में काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए.

 

इस रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force), भारतीय नौसेना (Indian Navy) के गोताखोर और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीम काम कर रही हैं. ओडिशा फायर सेफ्टी टीम के अलावा थाइलैंड की फुटबॉल टीम के रेस्क्यू के लिए पंप और कुछ जरूरी साजो-सामान मुहैया कराने वाली प्राइवेट कंपनी किर्लोस्कर की टीम मौके पर है. 

 

दावा किया जाता है कि जयंतिया पहाड़ियों के आसपास करीब 70 हजार बच्चे रैट माइनिंग का काम करते हैं. राज्‍य में कोयला खनन की शुरुआत 19वीं सदी के मध्य में हो गई थी, लेकिन साल 1970 में कोयला खनन को सरकार ने अपने हाथों ले लिया था.

 

तब मेघालय में कोयला खदानों के निजी दावेदारों को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था, लेकिन सरकारी निगरानी में लापरवाही के चलते रैट माइनिंग का अवैध काम चलता रहा है. इस गोरखधंधे को रोकने के लिए साल 2014 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने मेघालय में रैट होल माइनिंग पर बैन लगाया था, लेकिन ये बैन भी महज दिखावा साबित हुआ. मेघालय में रैट होल माइनिंग आज भी धड़ल्ले से की जा रही है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार से पिछले हफ्ते कहा था कि 13 दिसंबर से अवैध कोयला खदान में फंसे 15 मजदूरों को निकालने के लिए अब तक उठाए गए कदम संतोषजनक नहीं है. उन्हें बचाने के लिए 'शीघ्र, तत्काल और प्रभावी' अभियान चलाने की जरूरत है क्योंकि यह जिंदगी और मौत का सवाल है.

 

अदालत ने यह भी कहा कि लगभग तीन हफ्ते से खदान फंसे लोगों के लिए 'हर मिनट कीमती' है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो जिंदा हैं या मर गए हैं, उन्हें हर हाल में बाहर निकाला जाना चाहिए.

 

साथ ही बेंच ने केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से शुक्रवार तक सरकार के प्‍लान से अदालत को अवगत कराने का आदेश दिया था. बेंच ने कहा, 'वहां फंसे लोगों के लिए, प्रत्येक मिनट की कीमत है. तत्काल कदम उठाने की जरूरत है.'

 

मौके पर पहुंचे माइनिंग एक्‍सपर्ट और अवार्ड विनर जसवंत सिंह गिल ने प्रदेश सरकार और बचाव एजेंसी के बीच तालमेल की कमी होने पर दुख जताया था. उनके मुताबिक, प्रदेश सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी के कारण रेस्‍क्‍यू पर असर पड़ा है.

 

फंसे हुए खनिकों को निकालने में नाकामयाबी के चलते मेघालय सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किए गए. कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा शिलांग स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कोनराड संगमा की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन कर फंसे खनिकों के बचाव कार्य में ढीला रवैया अपनाने का आरोप लगाए जा चुके हैं.

Page 4 of 4

संग्रहीत न्यूज